अद्य संस्कृतं शिक्षामहे – भागः ६ : कर्तव्यम्
अद्य संस्कृतं शिक्षामहे भाग 6 में कर्तव्यम् शब्द का अर्थ, सरल संस्कृत वाक्य-प्रयोग, व्याकरण, हिन्दी से संस्कृत अनुवाद अभ्यास तथा प्रेरणादायक सुभाषित प्रस्तुत है। कक्षा 9–10 के विद्यार्थियों एवं संस्कृत सीखने वाले सभी पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री।
By SanskritLearn
अद्य संस्कृतं शिक्षामहे – भागः ६ कर्तव्यम् — कर्तव्य / Duty
अद्य वयं “कर्तव्यम्” इति शब्दस्य अर्थं प्रयोगं च शिक्षामहे। प्रत्येकस्य मनुष्यस्य जीवने किञ्चित् कर्तव्यं भवति। यः स्वकर्तव्यं निष्ठया सम्पादयति, सः समाजे सम्मानं प्राप्नोति।
शब्दपरिचयः
कर्तव्यम् = कर्तव्य, करना चाहिए ऐसा कार्य
कर्तव्यं करोति = अपना कर्तव्य करता है। कर्तव्यपालनम् = कर्तव्य का पालन। स्वकर्तव्यम् = अपना कर्तव्य।
सरलवाक्यप्रयोगाः
१. प्रत्येकस्य विद्यार्थिनः स्वकर्तव्यं पठनम् अस्ति। प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य अध्ययन करना है।
२. अस्माभिः स्वकर्तव्यं निष्ठया कर्तव्यम्। हमें अपना कर्तव्य निष्ठापूर्वक करना चाहिए।
३. माता-पितरौ स्वकर्तव्यं सम्यक् पालयतः। माता-पिता अपने कर्तव्य का भली-भाँति पालन करते हैं।
४. शिक्षकः स्वकर्तव्यं समर्पणेन करोति। शिक्षक अपना कर्तव्य समर्पण के साथ निभाता है।
५. सैनिकाः राष्ट्ररक्षणं स्वकर्तव्यं मन्यन्ते। सैनिक राष्ट्र की रक्षा को अपना कर्तव्य मानते हैं।
६. कर्तव्यपालनेन जीवनं सफलं भवति। कर्तव्यपालन से जीवन सफल होता है।
७. आलस्यं कर्तव्यपालनस्य बाधकः अस्ति। आलस्य कर्तव्यपालन में बाधक है।
८. कर्तव्यं सर्वदा समये एव करणीयम्। कर्तव्य सदैव समय पर करना चाहिए।
व्याकरणम्
कर्तव्यम् — नपुंसकलिङ्गशब्दः।
विशेषप्रयोगाः कर्तव्यं कुरु। — अपना कर्तव्य करो। कर्तव्यं मा विस्मर। — अपना कर्तव्य मत भूलो। स्वकर्तव्यं पालनम् आवश्यकम्। — अपने कर्तव्य का पालन आवश्यक है। कर्तव्यपरायणः भव। — कर्तव्यनिष्ठ बनो। स्वयं प्रयास करें
हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद कीजिए—
हमें अपना कर्तव्य करना चाहिए। विद्यार्थी का कर्तव्य अध्ययन करना है। सैनिक देश की रक्षा करता है। मैं अपना कर्तव्य नहीं भूलूँगा। कर्तव्यपालन से सफलता मिलती है। उत्तराणि अस्माभिः स्वकर्तव्यं कर्तव्यम्। विद्यार्थिनः कर्तव्यं अध्ययनम् अस्ति। सैनिकः देशस्य रक्षणं करोति। अहं स्वकर्तव्यं न विस्मरिष्यामि। कर्तव्यपालनेन सफलता प्राप्यते। अद्यतनं भाषासूत्रम्
कर्तव्यपरायणता एव सफलजीवनस्य आधारः।
अर्थः — कर्तव्यनिष्ठा ही सफल जीवन का आधार है।
अद्यतनः लघुसङ्कल्पः
अद्य अहं मम सर्वाणि कर्तव्यानि समये सम्पादयिष्यामि।
अर्थः — आज मैं अपने सभी कार्य समय पर पूरा करूँगा।
प्रेरणासुभाषितम्
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
भावार्थः: मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्तव्य और कर्म पर है, फल पर नहीं।