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ऋषियों की भाषा को जगाइए

संस्कृत सीखिए, सहजता से।

भारत की शास्त्रीय भाषा का आधुनिक, मोबाइल-प्रथम घर — संरचित पाठ, तत्क्षण अनुवाद, और रोज़ एक पठन।

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥

sarve bhavantu sukhinaḥ — may all beings be happy and free from suffering.
आज का शब्द

गुरुः

guruḥ

गुरु

Heavy with knowledge; one who dispels the darkness of ignorance.

आपकी प्रतीक्षा में

मार्गदर्शी पाठ
15+
श्लोक व्याख्या
6+
इंटरफेस भाषाएँ
3+

जिज्ञासा जहाँ ले जाए, वहीं से आरंभ कीजिए

कोई दबाव नहीं। एक श्लोक, एक शब्द, एक श्वास के साथ बैठिए।